- भोपाल
मुफ्ती अब्दुर रज्जाक खान
मुफ्ती ए आज़म मप्र
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जमीयत उलेमा-ए-हिन्द, अध्यक्ष जमीअत उलमा मप्र ने कि लोगों से अपीलवर्तमान समस्याओं का उपचार
“कुनुते नाज़िला" व आयते करीमा
देश की वर्तमान स्थिति में मुसलमानों से अपील "कुनुते नाज़िला" व आयते करीमा का एहतिमाम करें
और देश की शांति व सुरक्षा के लिए दुआ करे।
प्रिय! अइम्मा किराम, बादराने इस्लाम अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व-बरकातुह___ इस माह बाबरी मस्जिद का निर्णय आना है कुछ साम्प्रदायिक ताकते इस अवसर से देश के हालात को
बिगाड़ सकती है। बाबरी मस्जिद का जो भी निर्णय आए अगर वह निर्णय बाबरी मस्जिद के पक्ष में आए तो खुशी
और जश्न का माहोल उत्पन्न न करें। जिससे कि देश के भाईयों को कोई तकलीफ या हानि पहुंचे और बुराई
को पसन्द करने वाले लोग शान्ति व सुरक्षा को भंग करें। और अल्लाह न करें अगर यह निर्णय बाबरी मस्जिद
के विपरित आए तो उत्तोजित व भावुक न हो धैर्य और सयंम से काम लें और हर हाल में देश के संविधान का
सम्मान व पालन करें और देश के प्रेम भरे माहोल को बनाये रखें।
देश में मौजूदा स्थिति इस बात की गवाह है कि कुछ साम्प्रदायिक तत्व इस देश के मुसलमानों में डर
व दहश्त पैदा कर रहे हैं। मुसलमान ऐसी नाजुक स्थिति में नहीं और न ही निराश हो अल्लाह पर भरोसा
रखे और नफरत फैलाने वाले लोगों से होशियार रहें।
अल्लाह के सामने तौबा व अस्तगफार गिरे हजारी, मुनाजात और दुआओ (प्राथनाओं) का कसरत से
एहतिमाम करें।
___ प्रिय ! आइमा किराम अपनी अपनी मस्जिदों में "कुनुते नाज़िला" पढ़े जिसकी शिक्षा पवित्र रसूल
सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपनी उम्मत को दी है कि जब मुसलमानों पर कोई आम विपत्ति आती तो फजर
की नमाज में “कितने जिला" पढ़ते थे तो वर्तमान समय में भी मुसलमानों को इस सुन्नत का पालन करना
चाहिए और इसके साथ मस्जिदों में आयते करीमा को भी पढ़ें।
अल्लाह रब्बुल इज्जत की पुर्णदया से यह आशा है कि वह अपने बंदों की दुआओं (प्राथनाओं) को
कुबूल फरमा कर हर प्रकार की विपत्ति से मुक्ति व छुटकारा देगा। (आमीन)
मुफ्ती ए आज़म मध्यप्रदेश ने की लोगों से अपील